ज़रा इन लोगों को देखो वोट ये सरकार को देते हैं और मांग करने पहुँच जाते हैं खान सर से, जो पहले से ही गरीब और आम लोगों के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं!
अरे भाई, सवाल सरकार से क्यों नहीं पूछते? सरकारी अस्पतालों में क्यों नहीं जाते? अगर वोट दिया है तो हक़ से मांगो ना कि अस्पताल अच्छे बनें, इलाज सही मिले, शिक्षा बेहतर हो।
जब चुनाव के समय नेता रैलियों में आते हैं, हाथ जोड़कर वोट मांगते हैं, तब अपने दुख, अपनी परेशानी, अपनी ज़रूरतें क्यों नहीं बताते? तब क्यों नहीं कहते कि हमें अच्छी शिक्षा चाहिए, अच्छा इलाज चाहिए !
मत जाए ना प्राइवेट अस्पताल में, सरकार से बोलिए वो अच्छी व्यवस्था करें सरकारी अस्पताल में,जाना ही ना पड़े प्राइवेट अस्पताल में!