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🔥 भाषण: “ये श्रद्धा नहीं, अपराध है” 🔥 भाइयो और बहनो, आज मैं कोई कहानी सुनाने नहीं आया, मैं सच सुनाने आया हूँ — वो सच जो कड़वा है, लेकिन ज़रूरी है। जब किसी माँ को पीटा जाता है और कहा जाता है — “देवी आई है” जब किसी बहन को ज़मीन पर गिराया जाता है और कहा जाता है — “भूत निकल रहा है” तो याद रखिए… ये भक्ति नहीं है। ये श्रद्धा नहीं है। ये सीधा-सीधा अपराध है। और उससे भी बड़ा अपराध है — उस अपराध को चुपचाप देखना। मैं पूछता हूँ आपसे— अगर वही थप्पड़ आपकी माँ को पड़े, तो क्या आप उसे चमत्कार कहेंगे? अगर वही चीख आपकी बहन की हो, तो क्या आप उसे लीला कहेंगे? नहीं न? तो फिर किसी और की माँ-बहन कम इंसान कैसे हो गई? सच ये है— पाखंडी अकेले कुछ नहीं होते, उन्हें ताक़त देता है हमारा डर, और हमारी चुप्पी। ये ढोंगी कहते हैं— “जो सवाल करे वो नास्तिक है” मैं कहता हूँ— जो सवाल न करे, वही सबसे बड़ा मूर्ख है। धर्म ने इंसान बनना सिखाया था, लेकिन पाखंड ने इंसान को डरपोक बना दिया। आज ज़रूरत है— 👉 आँख खोलने की 👉 दिमाग़ चलाने की 👉 और हिम्मत जुटाने की याद रखिए— भगवान कभी थप्पड़ नहीं मरवाता भगवान कभी औरत को रुलवाता नहीं भगवान कभी डर से पूजा नहीं करवाता डर सिर्फ़ पाखंडी फैलाता है। इसलिए आज से तय करो— जहाँ मार दिखे — शिकायत होगी जहाँ ढोंग दिखे — वीडियो बनेगा जहाँ शोषण दिखे — क़ानून चलेगा क्योंकि अब चुप्पी पाप है। और आख़िरी बात— अगर आज समाज नहीं जागा, तो कल इतिहास पूछेगा— “तब तुम कहाँ थे?” नारा लगाइए— 🗣️ पाखंड नहीं चलेगा! 🗣️ अपराध नहीं सहेगा! 🗣️ जागरूक भारत ही जीतेगा! 🔥✊ #✍🏻भारतीय संविधान📕 #❤️जीवन की सीख #अंध भक्तों को समर्पित #अंध मुक्त अभियान #Andh Bhakt Special

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