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Amrita vaishnaw
औरत सिर्फ रसोई के लिए नहीं बनी उसके भी सपने हैं उसकी पहचान चूल्हे तक सीमित नहीं घर संभालते-संभालते खुद को मत भूलो हर औरत को उड़ने का हक़ है अपने सपनों के लिए खड़ी हो अपनी पहचान खुद बनाओ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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1 महीने पहले
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