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श्रीक्षेत्र गरुडेश्वर में श्रावण कृष्ण अष्टमी को श्रीकृष्ण जयंती का उत्सव बडे पैमाने पर मनाया था। रात को उत्सव शुरू होने से पहले परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रीमद् वासुदेवानंद सरस्वती (टेंबे) स्वामी महाराज वहां आकर बैठे और गोपाळराव राजाध्यक्षजी का कीर्तन हुआ। फिर हमेशा की तरह भजन शुरू हुआ। थोडी देर के बाद श्री नर्मदा नदी के दूसरे तट पर बारिश होने लगी। तब सबनीसजी श्री स्वामी महाराज के पास बैठे थे। बारिश होते हुए देखकर उन्होंने श्री स्वामी महाराज से कहा, “प्रभो! भजन बहुत ही अच्छे से चल रहा है। ऐसे में अगर बारिश हुई तो सब लोगों की निराशा होगी।” श्री स्वामी महाराज ने आकाश की ओर देखा और कहा, “बारिश से डरने की कोई बात नहीं है। यह वर्षा भजन में विघ्न नहीं करेगी। आप भजन चलने दीजिए।” श्री स्वामी महाराज के यह कहनेपर भजन और भी उत्साह से होने लगा। फिर भजन समाप्त कर के सब लोग पर्णकुटी में आए और श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। श्रीकृष्ण के पालने की डोरी खींची और बारिश गर्जना करके बरसने लगी। तब श्री स्वामी महाराज ने सबनीसजी से कहा, “सबनीसजी, ये रही थोडी देर पहले आनेवाली वर्षा!” श्री स्वामी महाराज का अद्भुत सामर्थ्य और लीला देखकर सबनीसजी को बडा ही आश्चर्य हुआ। #Status #whatsapp status #krishna #jai shree krishna #🙏Have a Good Day

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16 দিন আগে