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श्यामा
हमारे बीच न आई कभी संग्राम की रेखा, मगर आई हमारे मध्य में उपनाम की रेखा। न छोड़ा था कोई मंदिर न कोई मन्नतें छोड़ी, मिटी है फिर भी हाथों से तुम्हारे नाम की रेखा...!! #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #😘बस तुम और मैं #सिर्फ तुम #🌙 गुड नाईट
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