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नरक का द्वार खुलते ही आत्माएँ काँप उठीं… 👹 कोई जलते तेल में डूबा था, तो कोई बर्फीली जंजीरों में कैद। हर ओर चीखें थीं और अंतहीन पीड़ा। याद रखना—पाप का अंजाम सिर्फ़ दर्द है।
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