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#holi "​दुनिया के हर रंग फीके पड़ गए, जब रूह ने सच पहचाना; मोक्ष की होली खेलने को, शमशान ही बना ठिकाना। ​यहाँ न कोई ज़ात है, न कोई गुरूर का साया; राख उड़ाते महादेव ने, खुद को ही गले लगाया। ​रंगों की भीड़ में ढूँढते रहे, तुम जिन्हें ता-उम्र, मशाने की राख में वो महाकाल, सबसे पहले नज़र आया।।" #होली #महाकाल #आमलकीएकादशी #रंगभरीएकादशी #हर_हर_महादेव 🔱 #काशी_के_कोतवाल #भैरवबाबा #AnjaliSinghal

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