चोटों की जंग से कोचिंग तक: राजौरी के नायक
इश्तियाक़ की कहानी
जम्मू-कश्मीर के
राजौरी ज़िले के दरहाल नामक छोटे से गाँव में जन्मे मोहम्मद इश्तियाक़ का सपना
बड़ा था — देश का मान बढ़ाएँ,
मुक्केबाज़ी की दुनिया में अपनी पहचान बनाएँ। लेकिन
मुक्केबाज़ी की राह आसान नहीं थी — चुनौतियाँ और चोटें इनके कदमों पर कांटे बिछाती
रहीं। इनका मक़सद साफ़ था — अगर खुद आगे नहीं बढ़ पाए, तो कम से कम
राजौरी के बच्चों को वो मंच देना,
जहाँ उनकी जगह हो, उनका सपोर्ट हो। #06 मार्च के अपडेट