नर्म रंगों में लिपटी__
यह खामोशी सी क्यारी...
कुछ कहें बिना भी बहुत कुछ कह जातीं हैं..
जैसे, प्रेम-
जो ठहर जाएं तो- दर्शन बन जाता हैं...
और, महक उठे तो आत्मा छू जाता हैं...
कैसा हैं ये प्रेम.. ❣️??
जो न होकर भी रहता है,
चारों और -
न कुछ मांगता हैं, न कुछ छीनता हैं,
बस, भर देता हैं हृदय - अद्भुत अनुभूति से-
कर देता हैं सराबोर_
स्नेह सुधा से....!!!
क्या तुम्हारे हृदय का भी यही हाल हैं..??
कहो ना......
~~~~~~~~~~ #🌸 जय श्री कृष्ण😇
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