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कवि सुमित मानधना 'गौरव' ( "कुछ मेरी कलम से ")
नाकामी से घबराना नहीं यह संसार तुम्हारा है। उठो फिर से पंख फैलाओ धरा अंबर तुम्हारा है। हताश नहीं होते जीवन में असफल हो जाने पर, फिर से कामयाब होने का अधिकार तुम्हारा है। ✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'😎 #MOTIVATIONAL #motivation #Suvichar #सुविचार #सुवि चार
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