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भजन संहिता 105:4 “यहोवा को और उसकी सामर्थ को ढूँढ़ो; उसके दर्शन की खोज निरंतर करते रहो।” 👉 प्रभु को खोजते-खोजते हम खुद को भी प्रभु में पा लेते हैं। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️

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