INSTALL
Your browser does not support the video tag.
Shamsher bhalu Khan
मुस्ताक ए ऐश इशरत के ख्वाब संजोते हैं। जिगर जो दिया मिलता दस्तूर है पुराना चाहत फूलों की कांटे दिल में चुभोते हैं। #😇 चाणक्य नीति
92 ने देखा
शेयर
1
कमेंट
Your browser does not support JavaScript!