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abdul ahad
#❤️अस्सलामु अलैकुम #🤲 इबादत बिछड़ रहा है मुकद्दस महीना, दिल उदास है, रहमतों की जो बारिश थी, अब उसका अहसास है। जा रहा है वो बरकतों का साया लेकर, आँखें नम हैं मौला, बस तेरी मग़फ़िरत की आस है।#alwada Mahe Ramzan
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20 दिन पहले
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