10 तारीफ़ें भूल जाती हैं
लेकिन एक नेगेटिव बात दिल-दिमाग में अटक जाती है 🧠
ये कमजोरी नहीं
ये दिमाग़ का सेफ़्टी सिस्टम है — Negative Bias
अगली बार जब कोई बात ज़्यादा चुभे
तो खुद से पूछना
क्या ये सच में ख़तरा है
या सिर्फ़ दिमाग़ का अलार्म 🚨
सोच बदलेगी
तो ज़िंदगी भी बदलेगी ✨ #🧠दिमाग की कसरत💡