अगर 21वीं सदी में लोकतंत्र का गला घोंटने की तकनीक बदल गई है,
तो उसे बचाने की जिम्मेदारी भी हमें नए साहस और नई समझ के साथ उठानी होगी।
जैसा कि Yogendra Yadav जी ने कहा है — अब लोकतंत्र पर हमला टैंकों और तख्तापलट से नहीं, बल्कि संस्थाओं को कमजोर करके, सवाल उठाने वालों को चुप कराकर और जनमत को भ्रमित करके किया जाता है।
लोकतंत्र सिर्फ वोट देने का अधिकार नहीं, बल्कि सवाल पूछने का साहस, असहमति की आज़ादी और जवाबदेही की मांग है।
अगर नागरिक जागरूक हैं, तो लोकतंत्र जीवित है।
अगर नागरिक चुप हैं, तो खतरा गहरा है।
अब वक्त है — डर से नहीं, समझ से लड़ने का।
संविधान, संस्थाओं और सच की रक्षा के लिए एकजुट होने का।
#SaveDemocracy
#SpeakUpIndia
#ConstitutionMatters
#DemocracyInDanger
#moj_content #🥰Express Emotion