भूलना था तो ये इक़रार
किया ही क्यूँ था
भूलना था तो ये इक़रार
किया ही क्यूँ था
बेवफ़ा तुने मुझे प्यार
किया ही क्यूँ था
सिर्फ़ दो चार सवालात का
मौका दे दे
हम तेरे शहर में आए हैं
मुसाफ़िर की तरह
#gazal of gulam ali sahab #💓 मोहब्बत दिल से #🌸मेरे पसंदीदा गीत 🌸 #❤ मेरे जीवन साथी ❤