कश्मीर में सिनेमा की वापसी
कश्मीर
की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एक बार फिर नए रंगों में खिल उठी है। 1990 के दशक में
उथल-पुथल के कारण ठहर चुकी क्षेत्रीय सिनेमा और रंगमंच की दुनिया अब धीरे-धीरे
पटरी पर लौट रही है। घाटी के युवा कलाकार और फिल्ममेकर अपने हुनर और जुनून से कला
की इस लौ को फिर से रोशन कर रहे हैं। बॉलीवुड की वापसी, स्थानीय
कहानियों पर बनती फिल्मों और कश्मीर की खूबसूरत वादियों के बीच, क्षेत्रीय
सिनेमा को नई पहचान मिल रही है। यह कहानी है उस नए दौर की, जहां कश्मीरी युवा अपनी संस्कृति, अपनी
आवाज़ और अपने सिनेमा को फिर से ज़िंदा कर रहे हैं। #19 फरवरी के अपडेट