मुल्ला से पण्डित भये, पण्डित से भले मुल्ला।
गरीबदास तज बैर भाव, कीजे सुल्लमसुल्ल।।
कौम छतीसं है जगदीशं, ब्रह्मबीज एक बाडी।
जो हिन्दवानी सो मुसलमानी, पहरे एकै साड़ी।।
इस तरह की अमर वाणीयों के माध्यम से समाज से धार्मिक भेदभाव मिटाने वाले महान संत गरीब दास जी महाराज के बोध दिवस के उपलक्ष्य में सभी सतलोक आश्रमों में 26, 27, 28 फरवरी 2026 को रखे गए तीन दिवसीय विशाल भंडारे में आप सभी सादर आमंत्रित हैं। #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏गुरु महिमा😇 #🌷शुभ रविवार #🤲 इबादत