भाग 10
🪔 देवर्षि नारद के लाए दिव्य फल से एक अद्भुत प्रतियोगिता आरंभ हुई।
कार्तिकेय पूरे ब्रह्मांड की परिक्रमा करने निकल पड़े, जबकि श्रीगणेश ने अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की ही परिक्रमा की, क्योंकि वही उनके लिए सम्पूर्ण सृष्टि थे।
इस कथा से हमें सीख मिलती है कि सच्ची विजय भक्ति में है, विनम्रता में ही सौहार्द है।
ईश्वर करें हम सदैव स्मरण रखें कि बुद्धि, गति से श्रेष्ठ है और प्रेम ही सबसे महान मार्ग है। 🌸✨ #har har maha dev
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