वेदों के अभ्यास में तत्पर ब्राह्मण सत्त्वगुण द्वारा उत्तरोत्तर ऊपर के लोकों में जाते हैं। तमोगुण से जीवों को वृक्षादिपर्यन्त अधोगति प्राप्त होती है रजोगुण से मनुष्य-शरीर मिलता है।
जिसकी मृत्यु सत्त्वगुणों की वृद्धि के समय होती है, उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है; जिसकी रजोगुण की वृद्धि के समय मृत्यु होती है, उसे मनुष्य-लोक मिलता है और तमोगुण की वृद्धि के समय मरता है, उसे नरक की प्राप्ति होती है। परन्तु जो पुरुष त्रिगुणातीत जीवन्मुक्त हो गये हैं, उन्हें मेरी ही प्राप्ति होती है।
श्रीमद्भागवत-महापुराण/११/२५/२१-२२
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