*𝐈 𝐋𝐨𝐯𝐞 ❤️ 𝐌𝐮𝐡𝐚𝐦𝐦𝐚𝐝 ﷺ*
*जिस तरह इंसान बग़ैर रूह के ज़िंदा नहीं रह सकता, उसी तरह एक मुसलमान का ईमान रसूलअल्लाह ﷺ की मुहब्बत के बग़ैर मुकम्मल नहीं हो सकता*
*आप ﷺ की मुहब्बत ही ईमान की रूह और मुसलमानों की अस्ल पहचान है, दुनिया की कोई ताक़त मुसलमानों के दिलों से ये मुहब्बत ख़त्म नहीं कर सकती*
*लिहाज़ा "𝐈 𝐋𝐨𝐯𝐞 ❤️ 𝐌𝐮𝐡𝐚𝐦𝐦𝐚𝐝 ﷺ" लिखना या कहना महज़ एक नारा नहीं बल्कि ईमान का हिस्सा है।* #❤️Love You ज़िंदगी ❤️