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#चराग़..... एक चराग से जमाने में उजाला कीजिए शिकायत को दिल में न पाला कीजिए। कुछ दबे कुचलों को संभाला कीजिए एक ही मसला न रोज़ उछाला कीजिए। दूर किनारे से पहले खुद को देखिए यूं इल्ज़ाम लोगों पर न डाला कीजिए। मन के कोने में सही, ग़ैरत जिंदा रखिए जहां ज़रूरी आवाज़ निकाला कीजिए। रहबरी का जुनून घर फूंकने जैसा खुद उजड़ औरों को संभाला कीजिए। जिगर न तैरें वसीलों के दम पे कश्तियां वज़्न कंधों पर खुद के डाला कीजिए। #जिगर_चूरूवी

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