ShareChat
click to see wallet page

#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में श्राद्ध व पिंड आदि कर्मकांड को गलत कहा है। मार्कण्डेय पुराण में भी प्रमाण है कि वेदों में पितर पूजा, भूत पूजा यानि श्राद्ध कर्म को अविद्या यानि मूर्खों का कार्य बताया है। #sat saheb ji

890 ने देखा
5 महीने पहले