#🪔सोम प्रदोष व्रत✡️ #📢17 नवंबर के अपडेट 🗞️
“शिव को हल्दी-कुमकुम चढ़ाने का अद्भुत दृश्य — भक्ति का रंग और विश्वास का श्रृंगार” देवभूमि की हवा में जब हल्दी और कुमकुम की सुगंध घुलती है, तो पूरा वातावरण आस्था और प्रेम के रंगों से भर उठता है। आज का दृश्य कुछ ऐसा ही था — जहाँ भक्तों ने भगवान शिव को चढ़ाया हल्दी-कुमकुम, मानो स्वयं प्रकृति ने उन्हें सुहाग के रंगों से सजाया हो। कहते हैं, हल्दी सौभाग्य का प्रतीक है और कुमकुम शक्ति का। जब ये दोनों शिवलिंग पर चढ़ाए जाते हैं, तो यह भक्त और भगवान के मिलन का प्रतीक बन जाता है। श्रद्धालुओं की आँखों में भक्ति की चमक थी, और मंदिर परिसर में गूंज रही थी “हर हर महादेव” की गूँज। यह दृश्य सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि भक्ति और भावना का संगम था — जहाँ हर फूल, हर रंग, हर स्पर्श शिव को समर्पित था। सच कहा गया है — “जहाँ विश्वास होता है, वहाँ चमत्कार अपने आप जन्म लेता है।”