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Rinku karn
कहते थे सब सूत पूत लेकिन वो क्षत्रिय था। चीर दे उस क्षण में लक्ष्य वो सूर्यपुत्र कर्ण था। भाग्य से था ना चला वो तो कर्मवीर था। कान पे कुंडल का तेज़ मानो सूर्य जैसा था। #Rinku karn
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