हम आहंगी चिनाबों में रहा करती थी
मलिके हुस्न नकाबों में रहा करती थी।
तस्वीर तेरी मेरे ख्वाबों में रहा करती थी
हर्फ सी सूरत किताबों में रहा करती थी।
वक्त ने सिकंदर कैस किसरा मिटा दिए
गुम अंधेरों में जो नवाबों में रहा करती थी।
आज हैं गर्त में हुनर और हौंसले उनके
कौम जो ऊंचे बाबों में रहा करती थी।
जिगर फिर गए दिन मेहनतकशां के
शाद हैं वो जो अज़ाबों में रहा करती थी।
#जिगर_चूरूवी
#हम_आहंगी - तालमेल
#चेनाबों - दरिया ए चिनाब
#नकाब - घूंघट
#ख़्वाब - सपना
#मलिके - रानी
#हर्फ़ - अक्षर
#कैस_किसरा - अपने समय का विख्यात समाज
#नवाब - राजा
#गर्त - खाई, नीचे
#बाबों - दरवाजे
#मेहनतशां - मेहनती
#अज़ाब - पीड़ा, दुःख,सजा #जिगर_चूरूवी