बिहार राज्य के नेता और मंत्री लोगों को मोतियाबिंद की बीमारी है या सिर्फ वधिर भाषा ही समझते हैं इसकी जाँच होना बेहद जरूरी हो गया है। यदि थोड़ी भी देख सुन पाते तो अभितक भोजपुरी भाषा और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को बैन कर दिए होते।
वैसे हमारे देश के सभी IIT, NIT और स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी को बंद कर देना चाहिए क्योंकि बिहार की ये मोहतरमा अपनी ढूंढी में 32GB रैम लेकर घूम रही हैं।
इनके नीचे वाला ब्ल्यूटूथ सेम सेम बा और इनके ढूंढी में 32GB RAM है, बिहार ने हमेशा देश को नई दिशा प्रदान की है।
बिहार राज्य में सिर्फ एक NIT होने का यही कारण है कि यहां की महिलाएं अपने चोली, ढोढ़ी, भौजी से सॉफ्टवेयर ईजाद कर दे रहे हैं।
हम जैसे ग्लोबल काम करने वाले बिहारियों को अन्य अन्य देशों और प्रदेशों में बिहारी बोलने पर शर्म आती है। इन्हीं सब कारणों से हम मजबूरन अपने फिल्म इंडस्ट्री में साउथ इंडियन बोलकर अपनी आजीविका चलाने पर मजबूर हैं।
आज मुझसे भी कोई पूछता है तो गर्व से बोलते हैं साउथ इंडियन हैं और साउथ की टूटी फूटी भाषा बोलकर लोगों को यकीन भी दिला देते हैं।
Dop Shiva Chaudhary
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