#🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #✍️ अनसुनी शायरी 🫵🏻yes you
दिल-ए-उम्मीद तोड़ा है किसी ने
सहारा दे के छोड़ा है किसी ने
न मंज़िल है न मंज़िल का निशाँ है
कहाँ पे ला के छोड़ा है किसी ने
है दीवानों को ज़ंजीरों से निस्बत
ये रिश्ता ख़ूब जोड़ा है किसी ने
मोहब्बत में मुझे बर्बाद कर के
लहू दिल का निचोड़ा है किसी ने