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.... बड़ी हैरत में पड़ कर रो रहा हूँ, मोहब्बत सर पकड़ कर रो रहा हूँ। तेरी यादों ने जो घेरा है मुझे, मैं वही घाव क़मर कर रो रहा हूँ। तेरे वादे मेरी रग-रग में जले, हर लम्हा दर्द पकड़ कर रो रहा हूँ। तेरे जाने से उजड़ गया ये जहाँ, मैं वीराने को नगर कर रो रहा हूँ। तेरे बिन अब तो किसी से क्या कहूँ, मैं अपनी साँस उधार कर रो रहा हूँ। तू तो शायद भूल भी जाए मुझे, मैं तेरा नाम जप कर रो रहा हूँ। क़मर: चांद #s #shayri

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13 घंटे पहले