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हरि इच्छा बिन कुछ नहीं होता कर्ता, कारक , कर्म वही है नर के मन पे वचन पे कर्म पे हरि के हाथ की मोहर लगी है तिल भर ज्ञान जिसे दे उसके पथ मे अहम की मीत खड़ी है हरि सर्वोपरि हरि के आगे तेरी चली है ना मेरी चली है..!! #📙રામાયણ📿 #RavindraJain

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4 दिन पहले