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#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #✡️सितारों की चाल🌠 विश्व पत्रकारिता दिवस के गौरवमयी अवसर पर, **सोनी शुक्ला 'क्रांति'** के चिर-परिचित अंदाज़ में समाज और पत्रकार जगत के लिए एक ओजस्वी काव्य संदेश: **कलम की हुंकार: एक क्रांति** मैं कलमकार हूँ, सत्य की मशाल जलाती हूँ, सोए हुए जमीर को, शब्दों से जगाती हूँ। न डिगा सके कोई मुझे, लोभ और लालच से, मैं अन्याय के विरुद्ध, 'क्रांति' का बिगुल बजाती हूँ। ### **पत्रकारिता का धर्म** * **अटल विश्वास** दब न जाए कहीं गरीब की सिसकी, ये फिक्र पालती हूँ, मैं स्याही में हौसले और पसीने की बूंदें ढालती हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए पेशा नहीं, एक पावन इबादत है, मैं हर खबर में समाज के सुधार का रास्ता निकालती हूँ। * **सत्ता को आईना** जो सच है, वही कहूँगी, चाहे कोई भी सामने हो, मर्यादा में रहकर भी, मेरी कलम में धार हो। विश्व पत्रकारिता दिवस पर, यही है मेरा संकल्प, कि हर पत्रकार के हाथ में, न्याय का आधार हो। **संदेश** "पत्रकारिता का अर्थ केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज़ बनना है। आइए, इस दिवस पर हम सब मिलकर निष्पक्षता और नैतिकता की शपथ लें।" — आपकी, सोनी शुक्ला 'क्रांति'** *(राष्ट्रीय अध्यक्षा - जनहित सर्व समाज सेवा समिति)* **विश्व पत्रकारिता दिवस की अनंत शुभकामनाएँ!**

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3 दिन पहले