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जब अस्तित्व अपनी अंतिम सीमा पर था, और केवल प्रेम शेष रह गया था... लहरों ने देह का हर संकेत अपने भीतर समेट लिया, पर वह आलिंगन वह अंतिम,अटूट आवेश मृत्यु के भी अधिकार मे न आ सका... मां आखिर तक "मां" ही रही। आने वाले साल,इस साल,युगों युगों तक "मातृदिवस" आपको ही समर्पित रहेगा महान विरांगना,सबसे बड़ी योद्धा मां को शत शत नमन🙏🙏🚩🚩 #🌹मातृदिवस की शुभकामनाएंँ 🙏

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9 घंटे पहले