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"ममता का कोई मोल नहीं। इस दृश्य ने सबको रुला दिया।" "आखिरी पल तक सिर्फ माँ ही साथ निभाती है। "समंदर सी गहराई है माँ के प्यार में, खुद डूब गई पर आंच न आने दी अपने लाल पे।" "ममता की छांव में हर तूफान थम जाता है, माँ के हाथों का सहारा ही बेड़ा पार लगाता है।" कुर्स एक्सिडेंट बरगी डैम जबलपुर एम पी #मां और बेटे का प्यार ♥️🤱🏻😭😭

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3 घंटे पहले