कश्मीरी भाषा के संरक्षण को लेकर श्रीनगर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
कश्मीर में स्थानीय भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए किताबों का प्रकाशन अहम भूमिका निभा रहा है। खासतौर पर कश्मीरी भाषा के संरक्षण के लिए कई लेखक सराहनीय कार्य कर रहे हैं और अपनी रचनाओं के जरिए इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में जम्मू और कश्मीर अकादमी ऑफ आर्ट, कल्चर एंड लैंग्वेजेज द्वारा श्रीनगर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कई लेखकों की किताबों का विमोचन किया गया। इस मौके पर डॉ. इदरीस बदरानी, महफूज नबी और कश्मीरी लेखक बशीर अहमद डांग्रू की किताब SREH TE WEH को खास सराहना मिली। यह किताब कश्मीर की सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। #11 May के अपडेट