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#🙏गीता ज्ञान🛕 #GodMorningMonday निन्दक एकहु मति मिलै, पापी मिलै हजार। इक निंदक के सीस पर, लाख पाप का भार।। निन्दा करने वाला एक भी न मिले चाहे पापी हजारों मिले कोई हर्ज नहीं। क्योंकि एक निन्दक के सिर पर लाखों पाप का बोझ रहता है।
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14 घंटे पहले
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