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अnamika सah
💞एक मलाल का गुब्बार समेटे मैंने ख़ुद को पार कर लिया.. कैसे कैसे दिन गुजारे.. विरह के ज़ख्म छुपाने में💞.. # अनामिका की डायरी📚 🖋 #✍ कविता 📓 #✒ शायरी #💌शब्द से शायरी-मोहब्बत
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20 घंटे पहले
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