#👍 डर के आगे जीत👌 #🙏कर्म क्या है❓ #हे_मेरे_मालिक_हमनीचों_पर_अपनी_रेहम_बना_रखना_दाता_दृधा_विश्वास_दे
🌹जिस समय सर्व सन्त जन शास्त्र विधि त्यागकर मनमानी पूजा द्वारा भक्त समाज को मार्ग दर्शन कर रहे होते हैं। तब अपने तत्वज्ञान का संदेशवाहक बन कर स्वयं कबीर प्रभु ही आते हैं।पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) तीसरे मुक्ति धाम अर्थात् सतलोक में रहता है।
ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 18