रात की खामोशी में screen की हल्की सी रोशनी अनकहे लफ्जों की चुपचाप कहानी बना जाती हैं.....तुम दूर रहकर भी अजीब से पास लगते हो जेसे दोस्ती के भीतर कहीं मोहब्बत मुस्करा जाती हैं 😊ना तुम इजहार करते हो ना हम इंकार करते हैं 😜बस बातों बातों मे अहसासों का सफर चलता जाता है 😮कभी हसीं,कभी केयर ,kbhi हल्की सी नाराजगी एक अजीब सा रिश्ता है हमारे दरमियां जुड़ाव भी गहरा है 😊पर हर रोज टकराव yha😜
Na कोई वादा है दरमियाँ na hi koii कसमे है पर ये रिश्ता बंधा है वेसे जैसे रूह की रस्में है 😊😂na मैं तुम्हारी कहलाती hu,ना तुम मेरे ...🙄पर ख्यालों के हर मोड़ पर तुम्हें ही पाती हूँ 😜हम वो मुसाफिर है जो बिना मंजिल के साथ चलते जाते हैं 😜पर ये सफर लगता बड़ा खूबसूरत हैं जहां na चेहरा सामने होता है ना आवाज सुनाई देती हैं फिर भी दिल लगा रहता है...और बातें बिना रुके chlti रहती है 😂😂जब बिना किसी शिकायत के meri छोटी बड़ी अच्छी बुरी बातें सुनता है तो लगता है जेसे मेरी खामोश को भी किसी ने समझ लिया हो.... na थकता है ना टोकता है 😜बस चुपचाप मुस्करा कर सुनता रहता है...तो उसी पल महसूस होता है कि शायद यही सुकून है 😊जहाँ तुम्हें बदलने की नहीं बस समझने की कोशिश की जाती हैं.....वो दोस्त है मेरा ये हर बार मैं खुद को समझाती हू पर दिल की धड़कनों में उसका नाम छुपाती हू 😜हर छोटी सी बात में उसे ही क्यूँ बताती hu🙄पहले सिर्फ बातें अच्छी लगती थी अब उसकी खामोशी भी बेचैन कर जाती हैं ...पहले दोस्ती में सुकून मिलता था अब उसी में एक अजीब से तड़प नजर आती हैं 🙄😜😜😜ये रिश्ता कुछ ज्यादा है ....पर नाम"dosti" hi रहता है 😜अगर ये दोस्ती से कुछ ज्यादा भी है तो भी इसे दोस्ती कहना ही सच्चा लगता है 😜Happy Friendship day 😜😂😂😂😂 #👫 दोस्ती-यारी #🪖हरियाणवी फौजी #😍 दिल के जज्बात