क्या एक रेप पीड़िता सिर्फ़ एक बार ही ट्रॉमा से गुजरती है?
इस पॉडकास्ट में ज्योति अधिकारी एक बहुत बड़ा सवाल उठाती हैं।
उनका कहना है कि कई पीड़िताओं को एफआईआर दर्ज कराने से लेकर मेडिकल जांच, पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही तक इतने सवालों और प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है कि वे दोबारा उसी मानसिक आघात (री-ट्रॉमेटाइजेशन) से गुजरती हैं। इसी डर की वजह से कई सर्वाइवर्स कभी शिकायत दर्ज ही नहीं करातीं।
आप इस बात से कितने सहमत हैं?
🎙️ द वैभव उप्रेती शो
👇 अपनी राय कमेंट्स में ज़रूर बताइए।#emotional #trending #viral #shorts #reel