ShareChat
click to see wallet page

#🙏गीता ज्ञान🛕 #GodMorningFriday कबीर, इन्द्री तत्त्व प्रकृति से, आत्म जानपार। जाप एकपल नहीं छूटे, टूट न पावै तार।। भावार्थ- आत्मा को पाँचों तत्त्वों से भिन्न जानै।शरीर आत्मा नहींहै।निरंतर सतनाम का जाप करे। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825

444 ने देखा
12 घंटे पहले