#🙏गीता ज्ञान🛕 #GodMorningFriday
कबीर,
इन्द्री तत्त्व प्रकृति से, आत्म जानपार।
जाप एकपल नहीं छूटे, टूट न पावै तार।।
भावार्थ- आत्मा को पाँचों तत्त्वों से भिन्न जानै।शरीर आत्मा नहींहै।निरंतर सतनाम का जाप करे।
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