ShareChat
click to see wallet page

उधमपुर में प्राकृतिक खेती बनी किसानों की तरक्की की नई पहचान                                                                                                       जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में प्राकृतिक खेती किसानों की जिंदगी बदल रही है। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 36 से अधिक पंचायतों ने रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती को अपनाया है। इस बदलाव की शुरुआत थलोरा गांव से हुई, जो आज पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन चुका है। मजलता के युवा किसान विनोद शर्मा ने प्राकृतिक खेती से सफलता की नई कहानी लिखी है। लौकी, करेला, खीरा, कद्दू और स्ट्रॉबेरी जैसी फसलों से वे अच्छी कमाई कर रहे हैं। जैविक सब्जियों का स्वाद और गुणवत्ता रासायनिक उत्पादों से कहीं बेहतर होती है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि मिट्टी की सेहत सुधारने और लोगों तक शुद्ध, रसायन-मुक्त भोजन पहुंचाने का भी काम कर रही है। उधमपुर की यह हरित क्रांति आत्मनिर्भर भारत की मजबूत तस्वीर पेश कर रही है। #05 June के अपडेट

378 ने देखा
2 दिन पहले