जैसे उपजाऊ खेत में बोया हुआ बीज शाखा-पत्र-पुष्पादि अनेक रूप धारण कर लेता है, वैसे ही कालगति से माया का आश्रय लेकर शक्ति-विभाजन के द्वारा परमेश्वर ही अनेक रूपों में प्रतीत होने लगता है। श्रीमद्भागवत-महापुराण/११/१२/२० श्रीमद्भागवत-महापुराण/11/12/20 #PuranikYatra #MBAPanditJi #shrimadbhagwatkatha #shrimadbhagwat #PuranikYatra #MBAPanditJi

546 views • 22 days ago
00:00
00:09

#❤️Love You ज़िंदगी ❤️

317K views • 20 days ago
00:00
00:19