#तुलसी#तुलसी' काया खेत है, मनसा भयौ किसान।पाप-पुन्य दोउ बीज हैं, बुवै सो लुनै निदान#🌺 शरीर एक खेत के समान है और मन इस खेत का किसान है। यह मन रूपी किसान इस काया (शरीर) रूपी खेत में पाप और पुण्य रूपी दो तरह के बीज बोता है। जैसा बीज बोया जाएगा, अंत में वैसी ही फसल काटनी पड़ेगी🌺