ज़िंदगी हर इंसान की परीक्षा अलग तरह से लेती है।किसी से उसके सपने छीनकर पूछती है,"अब भी हिम्मत है?"किसी की जेब खाली करके पूछती है,तुम जीवन, तुम साँस प्रिय! तुमसे जीने की आस प्रिय! तू मेरे जाने पे है अगर राज़ी तो मैं भी अब मुस्कुराकर चली जाऊँगी।जहाँ मेरी कमी महसूस न हो,वहाँ अपना वजूद क्यों छोड़ जाऊँगी।दृष्टि में प्रणय का सम्मोहन तुमसे हर चाह की राह प्रिय! तुम बिन जीवन नीरस-सा है तुम जीवन की रसधार प्रिय!तुम सतत प्रेम की प्रत्याशा मेरे प्राणों की आधार प्रिय!"अब भी आत्मसम्मानबचाहै?"किसी के कंधों पर उम्र से पहले ज़िम्मेदारियाँ रख देती है।किसी को मेहनत बहुत देती है,मगर उसका फल बहुत देर से।जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णु 🌷🙏 भगवान विष्णु 🌹श्री हरि 🕉 नमो: नारायणाय: भगवान श्री हरि विष्णु:शुभ प्रभात सुंदर गुरुवार 🍃ॐ नमों भगवते वासुदेवाय🚩 जय #🙏🏻विष्णु भजन Video