बे-क़रारी सी बे-क़रारी है
वस्ल है और फ़िराक़ तारी है
जो गुज़ारी न जा सकी हम से
हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है
बिन तुम्हारे कभी नहीं आई
क्या मिरी नींद भी तुम्हारी है
उस से कहियो कि दिल की गलियों में
रात दिन तेरी इंतिज़ारी है
#💝 शायराना इश्क़ #💞दिल की धड़कन #माशूका 💘