बहोत ख़ूबसूरत ग़ज़ल लिख रहा हूं
तुम्हें देखकर आजकल लिख रहा हूं ग़ज़ल-गोई के फ़न का यूँ कभी इज़हार होता है मोहब्बत दिल से होती है नज़र से प्यार होता है।
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मेरी ग़ज़ल को मेरी जां फ़क़त ग़ज़ल न समझ, इक आइना है जो हर दम तिरे मुक़ाबिल है। #💝 शायराना इश्क़ #❣️माशूका #✍️ अनसुनी शायरी #🌹प्यार के नगमे💖