संघर्ष से उम्मीद तक
अन्नपूर्णा मुहिम बनी सहारा
यह कहानी मध्य प्रदेश के बैतूल जिले (ग्राम झिल्पा) की साहसी महिला सोमती बेलें की है, जिन्होंने 2022 में पति के निधन के बाद
₹3000 मजदूरी और ₹6 ##santrampalji 00 विधवा पेंशन
के सहारे बिना किसी साधन के अकेले अपने 3 बच्चों का पालन-पोषण और पढ़ाई का संघर्ष जारी रखा।
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