माघ गुप्त नवरात्रि
माघ नवरात्रि , जिसे गुप्त नवरात्रि (गुप्त नवरात्रि) के रूप में भी जाना जाता है, माघ महीने के शुक्ल पक्ष यानी जनवरी-फरवरी में आती है। माघ नवरात्रि शक्ति देवी के नौ रूपों को समर्पित है। बहुत से लोग माघ नवरात्रि के दिनों में उपवास रखते हैं और इस दौरान केवल शाकाहारी भोजन ही किया जाता है। गुप्त नवरात्रि भी आषाढ़ महीने (जून-जुलाई) के दौरान मनाई जाती है। सबसे लोकप्रिय नवरात्रि साल में दो बार आती है -गुप्त नवरात्रि के दौरान गुप्त रूप से देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों को ‘शक्ति’ के रूप में जाना जाता है। गुप्त नवरात्रि के पीछे मुख्य विचारधारा यह है कि देवी की पूजा गुप्त रूप से की जाती है, जो बाकी दुनिया से छिपी होती है। यह मुख्य रूप से साधुओं और तांत्रिकों द्वारा शक्ति की देवी को प्रसन्न करने के लिए व तंत्र साधना के लिए मनाया जाता है।
गुप्त नवरात्रि के दौरान गुप्त अनुष्ठान किए जाते हैं जहां देवी दुर्गा की पूजा इस समय के दौरान देवी दुर्गा के 10 रूपों को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस त्यौहार के दौरान भक्त देवी की पूजा करके अपनी सभी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं लेकिन अनुष्ठानों को गुप्त रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि पूजा की सफलता इसके पीछे गोपनीयता की मात्रा पर निर्भर करती है। ऐसा माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा को शक्तिशाली मंत्र और गुप्त तंत्र विद्या व तांत्रिक साधनाओं के रूप में गुप्त पूजा की पेशकश की जाती है, जो भक्तों को सभी इच्छाओं और आशाओं को पूरा करने के लिए विशेष शक्तियां प्राप्त करने में मदद करती हैं।
#शुभ कामनाएँ 🙏