प्रभु श्री राम से सागर विनती कर रहा है कि हे करुणानिधि सब ग्रन्थों ने यह गाया है कि सृष्टि के सुचारू रूप से चलने हेतु आपकी आज्ञा से ही ऐसी रचना की गई है, आप परमपिता हो , आपकी आज्ञा मान कर ही हम सब जड़ बुद्धि के स्वभाव में ही आनंदित रहते हैं।
जय श्री राम
##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩