प्रभु श्री राम मुस्कुराते हुए बोले हे रघुकुल के कुलगुरु ,हे तात आप तो सब लीला समझ गये,कृपया मुझ से ऐसे विनती मत कीजिये और अब आप ही वो रास्ता बताइये जिससे हमारी सारी वानर सेना बिना किसी कष्ट के अतिशीघ्र आपके (सागर के) उस पार लंका नगरी में पहुंच जाए ताकि हम निशाचरों का अन्त कर सकें
जय श्री राम
##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩